परिचयः
बासुरीः बाँस + सुर
संगित सरगमः
सा(षडज), रे(ऋषभ), ग(गंधार), म(मध्यम), प(पंचम), ध(धैवत), नि(निषाद)
स्वर
विकिपिडिया या परिभाषा अनुसार स्वर धैगु आवाज, बोली, राग, गायन खः। स्वर शुद्ध व विकृत याना१२ गू दु।
| सप्तक (Octave) | ||||||||
| शुद्ध स्वरः | सा | रे | ग | म | प | ध | नि | सां |
| Pure Sound | Do | Re | Me | Fa | So | La | Ti | DO |
| Notation | C | D | E | F | G | A | B | C |
| विकृत स्वरः | .रे | .ग | मं | .ध | .नि | |||
| Notation | C# | D# | F# | G# | A#/Bb | |||
| अचल स्वर | सा | प | ||||||
| चल स्वर | रे | ग | म | ध | नि | |||
सप्तक
७ गू शुद्ध स्वरया पुचयात सप्तक घाइ। बासुरीलि .प निसे प व प निसे पं तक्क यान २ गू सप्तक तक्क दयकि ज्यु। शास्त्र अनुशार ३ गू सप्तकया वर्णन याना तगु खने दु।
१. मन्द्र सप्तक
२. मध्य सप्तक
मात्रा
ईं नाप्ये यायात घण्टा, मनेट, सेकेण्ड धाथें म्येया नाप मात्रां याइ।म्येया धून निश्चित मात्रा दुने लानाच्वंगु दइ।
ताल
विकिपिडिया या परिभाषा अनुसार ताल “संगीतमा समय नाप्ने साधन वा यन्त्रलाई ताल भनिन्छ”। म्ये निश्चित तालय् हालातःगु दइ। छु ताल खः धैगु मात्राया विभागं सिइदइ।
तालः चो, मात्राः ४
| मात्रा | १ | २ | ३ | ४ |
| वोल | तिं | छु |
तालः पलेमां, मात्राः ६
| मात्रा | १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ |
| वोल | तिं | तिं | छु |
तालः दादरा, मात्राः ६
| मात्रा | १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ |
| वोल | तिं | छु |
तालः जति, मात्राः ७
| मात्रा | १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ |
| वोल | तिं | तिं | छु |
तालः प्रताल, मात्राः ७
| मात्रा | १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ |
| वोल | तिं | तिं | छु |



