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Sep 26

कबिर कुमार; रागः केराग, तालः जति

केरागः
हे हे हे ...............नां हाई नाहाई नाहाई नाहांई रे नाइन ताहाहै... नाइ नाई नाहाई न
हे सुरारमरा क्षेहसन जुगत सिल सह चुदामुहुनी दुहुम्ह।।
हे कबिर कुमाहार बिरथहन फुहुत लोक नाथह सुन्दर राजा कुमार।।१।।

हे हयहय प्राणह समाहान राजा पुत्रह थनीजीत वाना हाव वन।।
हे सतुरीया निन्दा याना बिरथहन फुहुत लोकनाथह सुन्दर राजा कुमार।।२।।

हे गुगु थासं जन्महजी जुहुल राजापुत्रह गुगु थास प्राणजी हहने।।
हे सपनास मखं नाहाव विरथहन फुहुत राजा पुत्रह सुन्दर राजा कुमार।।३।।

हे बिजय_धारी दिवी इश्वरी हीया_आज्ञा न्यनाहां अस्तमी ब्रहत_हनी दन्य।।
हे ल्हाक म्हया विनातिसं लोक रहक्षाया हाव राजा पुत्रह सुन्दर राजा कुमार।।४।।
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