केरागः हे हे हे ...............नां हाई नाहाई नाहाई नाहांई रे नाइन ताहाहै... नाइ नाई नाहाई न
वस गुन ल्हाना नबिज्याक भीम राजा ।।धु।। हे पञ्च पाण्डौ परीजन दुरपति सहीतन। हर्षन रस नबिज्याहाक भीमराजा (वस गुन)।।१।। हे लुमतुक लुँतायल लूँ चुरी लूँ पायल। स्वभाजुल अनेगु तिसाँहान भीम राजा (वस गुन)।।२।। हे कोति कोति सुर्ज उती छि ख्वालया तेज ज्योति। भयकार मुर्ति वस्व भहाक भीम राजा (वस गुन)।।३।। हे जन्त्रमन्त्र तन्त्र ध्यान मसिया जी पुजा बिध्यान। वली वली छिगुली बयाहान भीम राजा (वस गुन)।।४।। हे भगति जनया थास अभय बिव बास। ल्हाकम्ह स्वहुन्य करुणान भीम राजा (वस गुन)।।५।।


